बहरेपन के कई कारण हैं, बढ़ती उम्र बहरेपन का सबसे आम कारण है। बूढ़े लोग ज्यादातर कान की कमजोर नसों या संवेदी बहरेपन से पीड़ित होते हैं। जब तक कान से कम सुनाई देना अचानक नहीं होता हमें बहरेपन की शुरुआत का एहसास नहीं होता है। बहरेपन के कारण और लक्षण के बारे में पहचान होने से हमें जल्द से जल्द सही इलाज करने में मदद मिलेगी|

बहरेपन के सबसे आम कारण क्या हैं?

बढ़ती उम्र बहरेपन का प्राकृतिक कारण है, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक आयु के 33% लोगों में बहरेपन का कुछ स्तर है। संभावना उन लोगो में बढ़ जाती है जो 74 साल से ऊपर होते है, वृद्ध लोगो में बहरेपन की 50% ज्यादा संभावना होती है।

उम्र के अलावा, नीचे दी गई अन्य स्थितियां बहरेपन के कारण हैं।

  • क्या शोर प्रदूषण बहरेपन का कारण हो सकता है?
अधिक हॉर्न से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है जिससे बहरापन होता है

ध्वनि प्रदूषण के कारण होने वाली कान की समस्या बुढ़ापे के कारण होने वाली हानि के बाद दूसरा सबसे बड़ा कारण है। लगातार बढ़ता ट्रैफिक से आने वाले शोर ध्वनि प्रदूषण कान से कम सुनाई देने  का एक प्रमुख कारण है। यह बहुत चिंता की बात है कि 20 से 44 वर्ष के बीच के 20% युवकों में कान से कम सुनाई देना की अधिक संभावना होती है। युवाओं में ईयरफोन के माध्यम से तेज संगीत सुनना बहुत आम है।

कान सुरक्षा उपकरणों का उपयोग किए बिना कारखानों में काम करने वाले लोग भी बहरेपन से पीड़ित हो सकते है।

  • क्या दवाएं बहरेपन का कारण बन सकती हैं?

कान की नसों और कोक्लीअ (Cochlea) में बाल कोशिकाएँ (Hair Cells) को कुछ दवाएं नुकसान पहुंचाती हैं। कोक्लीअ भीतरी कान का एक नाजुक हिस्सा है। यह ध्वनि संकेतों को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करता है। कान की नसें या  श्रवण तंत्रिकाएं मस्तिष्क तक विद्युत संकेतों को ले जाती हैं। दवाये जो तंत्रिकाओं को नुकसान पहुँचाती हैं उन्हें ओटोटॉक्सिक ड्रग्स (Ototoxic Drugs) कहा जाता है।

अपने मन के अनुसार, इंटरनेट पर पढ़कर या नॉन मेडिकल लोगों की सलाह पर दवाइयाँ न लें, दवाइयां लेने के पहले डॉक्टर से परामर्श ले।

  • क्या सिर में चोट लगना बहरेपन का कारण हो सकता है?

अगर कोई दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि शारीरिक चोट या झटका कान के करीब है तो यह चोट बहरेपन का कारण बन सकता है।

  • क्या कोई बीमारी बहरेपन का कारण हो सकती है?

बीमारी के कारण बहरेपन नए जन्मे बच्चों में होता है। मेनिन्जाइटिस (Meningitis) या कण्ठमाला (Mumps) के कारण उच्च बुखार कोक्लीअ के नाजुक बाल कोशिकाएँ को नुकसान पहुंचा सकता है। बड़ों में कुछ बीमारियाँ भी बहरेपन का कारण हैं। बीमारियां जो बहरेपन का कारण बन सकती हैं के बारे मैं जानने के लिए हमारा लेख पढ़ें।

  • क्या कान का संक्रमण बहरेपन का कारण हो सकता है?

कान के संक्रमण के मामले में, कान नहर में सूजन होती है। सूजन कान की नहर को बंद कर देती है और ध्वनि तरंगों के लिए आंतरिक कान तक पहुंचना संभव नहीं है। संक्रमण भी कान में तरल पदार्थ का एक संग्रह का कारण बनता है, जिससे कान से कम सुनाई देता है।

इस प्रकार के नुकसान को प्रवाहकीय बहरेपन के रूप में जाना जाता है। अधिकांश मामलों में, प्रवाहकीय बहरापन अस्थायी है और कान बहने का इलाज किया जा सकता है। शिशुओं में कान के संक्रमण के बारे में अधिक जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें।

  • क्या कान का मैल बहरेपन का कारण बन सकता है?

कान का मैल के संचय के कारण बहरापन blog image

कान का मैल भी कान से कम सुनाई देने का एक बहुत ही सामान्य कारण है। कान के मैल के कारण हुआ बहरापन अस्थायी होता है। अपने ईएनटी (ENT) डॉक्टर या एक ऑडियोलॉजिस्ट के पास जाएं, वे ओटोस्कोप (Otoscope) के माध्यम से जांच करेंगे और यह पता लगाएंगे कि क्या बहरापन कान के मैल के कारण है या कान से कम सुनाई देने का कोई और कारण है। अपने कानों को साफ रखने के लिए इन सरल घरेलू टिप्स का पालन करें।

नीचे दिए गए बहरेपन के कुछ अन्य चिकित्सीय कारण हैं।

  • ट्यूमर
  • आनुवंशिक या वंशानुगत लक्षण।
  • कान नहर या भीतरी कान की विकृति।

बहरेपन के सामान्य लक्षण क्या हैं?

कान से कम सुनाई देने का मतलब सुनने की क्षमता कम होना है। यह धीरे शुरू होता है और बढ़ता रहता है। चूंकि वृद्धि बहुत धीरे-धीरे होती है, प्रभावित व्यक्ति के लिए आत्म निदान करना मुश्किल होता है।

क्या आपको संदेह है कि आपको कान से कम सुनाई देता है?

जिन लोगों को संदेह है कि उन्हें कान की समस्या है, वे इस सरल प्रश्नावली का जवाब दे सकते हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि एक ऑडीओमेट्री (Audiometry) परीक्षण से गुजरने के बाद होनी चाहिए। कुछ लक्षण दूसरों को दिखाई देते हैं लेकिन कान से कम सुनाई देने वाले व्यक्ति को नहीं। कान से कम सुनाई देने के कुछ सामान्य लक्षण नीचे दिए गए हैं।

क्या वार्तालाप करने में कठिनाई बहरेपन के लक्षण हैं?

सुनने में कठिनाई, हल्का बहरापन कान से कम सुनाई देने का पहला संकेत तब मिलता है जब कोई वार्तालाप में कुछ शब्द सुनने में असमर्थ होता है।
  • यदि कोई व्यक्ति पीछे या कुछ दूर से बात कर रहा है तो बातचीत को सुनने में कठिनाई।
  • समूह चर्चा करते समय सुनने में कठिनाई। जैसे ऑफिस की मीटिंग या परिवार का मिलन।
  • वार्तालाप का अनुसरण करने में कठिनाई, अगर बातचीत शोर-शराबे वाले क्षेत्र में हो जैसे कि रेस्तरां में या किसी सार्वजनिक स्थान पर।
  • कई बार प्रभावित व्यक्ति सुन सकता है लेकिन कुछ शब्द स्पष्ट नहीं है।
  • अगर कोई बुलाता है तो यह जानना मुश्किल है कि आवाज़ किस दिशा से आ रही है।
  • सामान्य रोजमर्रा के शब्दों और आवाज़े सुनने में असमर्थ।
  • दरवाजे की घंटी या टेलीफोन की घंटी सुनने में असमर्थ।
  • टेलीफोन पर बातचीत करते समय कुछ शब्द सुनने में कठिनाई।
  • पुरुषों की तुलना में बच्चों और महिलाओं के साथ बातचीत करने में कठिनाई होना।

बहरेपन के लक्षण के सामान्य संकेत जिन पर दूसरों का ध्यान जाता है

कान से कम सुनाई देने वाले व्यक्ति के परिवार के लोगो को भी लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए। कुछ लक्षण दूसरों को दिखाई देते हैं लेकिन खुद को नहीं।

बहरेपन के कारण अधिक ध्वनि मात्रा में टीवी देखना
  • प्रभावित व्यक्ति टेलीविजन या रेडियो की ध्वनि को बढ़ाता है। टेलीविजन या रेडियो की तेज आवाज परिवार के अन्य सदस्यों के लिए असहनीय हो सकती है।
  • कुछ प्रभावित लोग दूसरों के बारे में शिकायत करते है कि वे जोर से या स्पष्ट रूप से नहीं बोलते हैं।
  • बहरेपन से प्रभावित व्यक्ति बातचीत के दौरान ठीक से सुन नहीं पाता है और इससे ग़लतफ़हमी पैदा हो सकती है।
  • दुसरो से अनुरोध करना की वो अपनी बात फिर से दोहराए |
  • पारिवारिक चर्चा और सामाजिक घटनाओं में भाग नहीं लेना।
  • प्रभावित व्यक्ति थकान के लक्षण दिखाएगा। कान की समस्या से चिंतित रहने पर तनाव पैदा होता है।

ऊपर वर्णित लक्षण ज्यादातर उम्र से संबंधित बहरेपन से पीड़ित लोगों के लिए प्रासंगिक हैं। परेशान करने वाला तथ्य यह है कि बहरापन बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। 20 वर्ष से अधिक की 20% युवा आबादी कान की समस्या से पीड़ित है। युवाओं में कान से कम सुनाई देना अधिक मात्रा में संगीत सुनने के चलन के कारण है। युवा संगीत सुन सकते हैं और यदि वे कुछ सरल कान स्वास्थ्य युक्तियों का पालन करते हैं तो उनकी कान की समस्या को कम किया जा सकता है।

60 से अधिक उम्र के लोगो को परामर्श की आवश्यकता होती है । वे इस तथ्य को स्वीकार ही नहीं करते है की उन्हें कान से कम सुनाई देता है। कान की मशीन का इस्तेमाल करना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है। कान की मशीन आयु संबंधी या कान की कमजोर नसों का इलाज है। कान की मशीन का उपयोग करने के लिए अपने माता-पिता को समझाने के लिए सरल सुझावों का पालन करें।

नवीनतम वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, श्रवण बाधित बुजुर्ग सामाजिक जीवन से हट जाते हैं। यह अवसाद (Depression) का कारण बनता है और अल्जाइमर रोग (Alzheimer’s Disease) का कारण भी बनता है। हमें बहरेपन को को गंभीरता से लेना चाहिए और तत्काल बहरापन का इलाज के लिए चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

Credit-  EarGuru

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